
ओ.डी.ओ.सी. सेक्टर के उद्यमियों को “एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी)” प्रशिक्षण मॉडल के अनुरूप ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण भारत सरकार की प्रतिष्ठित संस्थाओं, यथा— एफएसएसएआई (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया), सीएफटीआरआई (सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट), एनएफटीईएम (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट) तथा एफआईसीएसआई (फूड इंडस्ट्री कैपेसिटी एंड स्किल इनिशिएटिव) के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त यूपीईपीसी अथवा अन्य परिषदों/प्राधिकरणों को ओडीओसी की ब्रांडिंग एवं प्रचार हेतु राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार, कार्यशाला, संगोष्ठी, क्रेता-विक्रेता बैठक, बाजार अध्ययन आदि के आयोजन के लिए कुल व्यय का 75% अथवा ₹75 लाख (जो भी कम हो) की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
| विवरण | अनुमन्य सहायता मद | अनुमन्य आर्थिक सहायता |
|---|---|---|
| शेल्फ-लाइफ वृद्धि, SOP अनुकूलन, रेडी-टू-ईट (RTE)/रेडी-टू-सर्व (RTS) फॉर्मूलेशन तथा उन्नत कूलिंग/संरक्षण तकनीक | उत्पाद गुणवत्ता एवं प्रक्रिया उन्नयन | वास्तविक लागत का 75% |
| निर्यात उन्मुख उत्पाद विकास, फॉर्मूलेशन का मानकीकरण तथा अकादमिक/संस्थागत R&D सहयोग | अंतरराष्ट्रीय मानक अनुपालन | वास्तविक लागत का 75% |
| B2B/B2C ट्रांजैक्शनल वेबसाइट का विकास (केवल प्रथम बार वेब सेटअप हेतु) | ई-कॉमर्स वेब विकास | वास्तविक लागत का 75% |
| डिजिटल/भौतिक कैटलॉग, उत्पाद पोर्टफोलियो एवं विदेशी बायर-सेलर मीट हेतु डिजिटल कैटलॉग | डिजिटल कैटलॉगिंग | वास्तविक लागत का 75% |
| Event Scale | Travel (maximum 2 persons) | Stall Fee (75% reimbursement) | Goods Transport/Logistics (75% reimbursement) |
|---|---|---|---|
| स्थानीय/राज्य (उ0प्र0 के भीतर) | वास्तविक किराया (रेल 3-एसी या एसी बस) | अधिकतम ₹60,000 | अधिकतम ₹25,000 |
| राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय (उ0प्र0 के भीतर) | वास्तविक किराया (रेल 3-एसी या एसी बस) | अधिकतम ₹1,00,000 | अधिकतम ₹25,000 |
| राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय (उ0प्र0 के बाहर) | 3-एसी/एसी बस या 75% इकॉनमी हवाई किराया | अधिकतम ₹1,50,000 | B2B: ₹35,000 तक / B2C: ₹75,000 तक |
सभी 10 मदों के अंतर्गत दी जाने वाली कुल वित्तीय सहायता की वार्षिक अधिकतम सीमा ₹10.00 लाख होगी।
सभी श्रेणियों के अंतर्गत लाभ अधिकतम 03 बार तक अनुमन्य होगा।
मद संख्या–08 (विदेशी खरीदारों को उत्पाद नमूने भेजना) के अंतर्गत लाभ अधिकतम 05 वर्षों तक प्राप्त किया जा सकेगा।
MDA योजना ODOP के अंतर्गत एक सरकारी पहल है, जिसके माध्यम से विक्रेताओं, उद्यमियों और MSMEs को मेलों, प्रदर्शनी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों के विपणन हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
इस योजना का उद्देश्य ODOP उत्पादों को बढ़ावा देना, बेहतर विपणन अवसर प्रदान करना और उत्पादकों को उचित मूल्य सुनिश्चित करना है।
यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा MSME मंत्रालय और नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन (NSIC) के सहयोग से संचालित की जाती है।
ODOP से संबंधित उत्पादों में कार्यरत विक्रेता, बुनकर, उद्यमी और MSMEs इस योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं।
हाँ, यह योजना उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में ODOP कार्यक्रम के अंतर्गत लागू है।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मेलों, प्रदर्शनी, बायर-सेलर मीट और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म में भागीदारी को समर्थन दिया जाता है।
विपणन गतिविधियों में भाग लेने से संबंधित खर्चों को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
हाँ, प्रत्येक उद्देश्य के लिए एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम तीन बार सहायता प्राप्त की जा सकती है।
नहीं, आवेदक ने पिछले दो वर्षों में समान प्रकार की सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।
आवेदन ODOP/MSME पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है।
गतिविधि पूर्ण होने के महीने को छोड़कर 120 दिनों के भीतर आवेदन या दावा प्रस्तुत करना आवश्यक है।
आवेदन 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर और उपलब्ध निधि के अनुसार स्वीकृत किए जाते हैं।
पहचान प्रमाण, आयु प्रमाण, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं।
हाँ, योजना अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी और व्यापार मेलों में भागीदारी के लिए भी सहायता प्रदान करती है।
यह योजना बाजार तक पहुंच बढ़ाती है, बिक्री के अवसरों में वृद्धि करती है और उत्पादों के लिए बेहतर मूल्य सुनिश्चित करती है।
हाँ, योजना के अंतर्गत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भागीदारी के लिए भी सहायता प्रदान की जाती है।
स्वीकृत आवेदकों को निर्धारित गतिविधियों में भागीदारी हेतु योजना के अनुसार वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
नहीं, निर्धारित 120 दिनों की समय सीमा के बाद किए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जा सकते।
संबंधित राज्य विभाग और कार्यान्वयन एजेंसियाँ योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करती हैं।
गलत जानकारी देने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है या प्राप्त लाभ की वसूली की जा सकती है।
ओडीओसी नागरिक पोर्टल के माध्यम से सीधे अपनी शिकायत या पूछताछ दर्ज करें और जिला अधिकारियों से समाधान प्राप्त करें।
| FSSAI एवं अन्य वैधानिक लाइसेंस/अनुमतियों की प्राप्ति | उत्पाद लाइसेंसिंग | वास्तविक लागत का 75% |
| ISO, HACCP, NABL/FSSAI लैब परीक्षण प्रमाणन हेतु व्यय | उत्पाद/प्रक्रिया प्रमाणन | वास्तविक लागत का 75% |
| भौगोलिक संकेतक (GI) पंजीकरण एवं संबंधित प्रक्रियाएं | GI टैग प्रमाणन एवं प्रक्रिया | वास्तविक लागत का 75% |
| विदेशी B2B खरीदारों को उत्पाद नमूने भेजने हेतु एयर/फ्रेट लॉजिस्टिक्स व्यय | विदेशी खरीदारों को उत्पाद नमूने भेजना | वास्तविक लागत का 75% |
| इको-फ्रेंडली, निर्यात-अनुकूल एवं टिकाऊ पैकेजिंग डिज़ाइन का आधुनिकीकरण | पैकेजिंग विकास एवं सुधार | वास्तविक लागत का 75% |
| थर्ड-पार्टी ऑनलाइन पोर्टल्स पर ऑनबोर्डिंग, इंटीग्रेशन एवं प्रारंभिक रजिस्ट्रेशन व्यय | ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग सहायता | वास्तविक लागत का 75% |
| व्यापार मेले (विदेश) |
| 75% घरेलू + अंतरराष्ट्रीय इकॉनमी हवाई किराया |
| अधिकतम ₹3.25 लाख |
| B2B: ₹70,000 तक / B2C: ₹1,40,000 तक |