मेरठ भारत का एक प्रमुख औद्योगिक शहर है और इसे “स्पोर्ट्स गुड्स कैपिटल” के नाम से भी जाना जाता है। यहां निर्मित क्रिकेट बैट और खेल सामग्री का उपयोग दुनियाभर के खिलाड़ी करते हैं। ऐतिहासिक रूप से मेरठ वह प्रमुख केंद्र भी था, जहां से 1857 का भारतीय विद्रोह शुरू हुआ था। वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन कार्यक्रम के तहत मेरठ जिले के लिए गजक, रेवड़ी और नानखटाई का चयन किया गया है।

मेरठ की प्रसिद्ध नानखटाई अपनी कुरकुरी बनावट, मनमोहक खुशबू और मुंह में घुल जाने वाले स्वाद के लिए जानी जाती है। मैदा, बेसन, सूजी, शुद्ध देसी घी, चीनी और इलायची के संतुलित मिश्रण को सही तापमान पर बेक किया जाता है। अनुभवी कारीगरों की बेमिसाल बेकिंग कला ही इन साधारण सामग्रियों को एक ऐसी पारंपरिक मिठाई में बदल देती है, जिसका स्वाद पीढ़ियों से लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। ODOC कार्यक्रम के अंतर्गत मेरठ के स्थानीय बेकर्स एवं नानखटाई निर्माताओं को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के माध्यम से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे है, ताकि इस पारंपरिक स्वाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक नई पहचान मिल सके। आइए, मेरठ की नानखटाई का स्वाद लें और 'लोकल से ग्लोबल' की इस यात्रा में स्थानीय उद्यमियों का साथ दें।

मेरठ की रेवड़ी पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक मिठाई बनाने की कला का एक अभिन्न हिस्सा है। स्थानीय कारीगर पारंपरिक विधियों से सर्दियों में खास तौर पर पसंद की जाने वाली इस मिठाई को तैयार करने की कला को आज भी बनाए हुए हैं। तिल और गुड़ या चीनी से तैयार की जाने वाली रेवड़ी त्योहारों और सर्दियों के मौसम में अपने भरपूर स्वाद और गर्माहट के लिए खास तौर पर पसंद की जाती है। अपनी कुरकुरी बनावट और पारंपरिक बनाने की विधि के लिए प्रसिद्ध मेरठ की रेवड़ी शहर की पारंपरिक मिठाई संस्कृति की खास पहचान है।

तिल, गुड़ और चीनी से तैयार की जाने वाली गजक मेरठ शहर, सरधना, दौराला और परतापुर में खास तौर पर प्रसिद्ध है। यह अपनी मिठास, पौष्टिक गुणों और लंबे समय तक स्वाद व गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जानी जाती है।