मैनपुरी उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक जिला है, जो अपने देसी घी, आलू उत्पादन और भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी समृद्ध विरासत के लिए जाना जाता है। जिले में स्थित समान पक्षी अभयारण्य प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण आवास है। मैनपुरी की पहचान इसकी विशिष्ट लोक संस्कृति, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और पारंपरिक तंबाकू एवं इत्र के व्यापार से भी जुड़ी हुई है। वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन कार्यक्रम के तहत मैनपुरी जिले के लिए सोहन पापड़ी और भुने आलू का चयन किया गया है।

चने के बेसन, शुद्ध घी और चुने हुए ड्राय फ्रूट्स—इन तीनों का संतुलित मेल, सही तापमान और हलवाई की बेमिसाल कारीगरी मिलकर तैयार करते हैं यह हल्की, कुरकुरी और रेशेदार मिठाई, जो हर कौर में घुल जाती है। ODOC कार्यक्रम के तहत मैनपुरी के स्थानीय हलवाइयों को — बेहतर ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग और प्रभावी मार्केटिंग के माध्यम से इस पारंपरिक मिठाई को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाए जाने की तय्यारी है । आइए, मैनपुरी की इस खास मिठास को अपनाएं और स्थानीय कारीगरों का समर्थन करें।

सर्दियों के मौसम में रेत में भुने हुए आलू मैनपुरी का बेहद लोकप्रिय स्थानीय स्ट्रीट फूड हैं। इन्हें मसालेदार चटनी के साथ परोसा जाता है। इस उद्योग से जुड़ी 200 से अधिक इकाइयों में 600 से अधिक लोग कार्यरत हैं।