मान्यताओं के अनुसार लखनऊ का पुराना नाम भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण के नाम पर लक्ष्मणपुर एव लखनपुर रहा है | लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी है। लखनऊ एक बहुसंस्कृति शहर है। लखनऊ को नवाबो के शहर के नाम से भी जाना जाता है। यह मेट्रो शहर लखनऊ जिला और लखनऊ मंडल का प्रशासनिक मुख्यालय है। पूर्व में बाराबंकी से, पश्चिम में उन्नाव से, दक्षिण में रायबरेली से और उत्तर में सीतापुर से घिरा, लखनऊ गोमती नदी के उत्तर-पश्चिमी किनारे पर बसा है।

लखनऊ की चाट की शुरुआत शाहजहां के समय से मानी जाती है, जब मसालेदार भोजन को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता था। लखनऊ की चाट उत्तर भारत की सबसे प्रसिद्ध स्ट्रीट-फूड परंपराओं में से एक है। यह केवल एक व्यंजन नहीं, बल्कि शहर की संस्कृति, नफासत और खास स्वाद को दर्शाती है। चाट में खट्टे, मीठे, तीखे और नमकीन स्वादों का खास संतुलन देखने को मिलता है। इसे उबले हुए आलू, इमली की चटनी, हरी चटनी, सेव, पापड़ी और विभिन्न मसालों से तैयार किया जाता है। इस उद्योग से जुड़ी 5,000 से अधिक इकाइयों में 10,000 से अधिक लोग कार्यरत हैं।

मक्खन मलाई मुख्य रूप से सर्दियों के मौसम में मिलने वाली एक बेहद हल्की मिठाई है, जो मुंह में रखते ही घुल जाती है। इसे तैयार करने के लिए शुद्ध दूध को बड़ी कड़ाही में उबाला जाता है और फिर रातभर खुले आसमान के नीचे रखा जाता है, जिससे उसमें सर्दियों की ओस की नमी समा जाती है। अगली सुबह ठंडे किए गए दूध को मथा जाता है। इसके ऊपर बनने वाली गाढ़ी और हल्की झागदार परत को अलग बर्तन में निकालकर केसर के पानी, इलायची पाउडर और बारीक कटे पिस्ते के साथ परोसा जाता है। इस उद्योग से जुड़ी 100 से अधिक इकाइयां हैं।

लखनऊ की रेवड़ी तिल, चीनी और गुड़ से तैयार की जाती है और अपने पारंपरिक स्वाद व कुरकुरेपन के लिए खास तौर पर प्रसिद्ध है। इसे मकर संक्रांति और करवा चौथ जैसे त्योहारों पर विशेष रूप से तैयार किया जाता है और खाया जाता है। पारंपरिक स्वाद और खास बनावट वाली रेवड़ी लखनऊ की खान-पान संस्कृति का एक हिस्सा है। इस उद्योग से जुड़ी 250 से अधिक इकाइयों में 1,000 से अधिक लोग कार्यरत हैं।

लखनऊ के आम से बने उत्पादों का संबंध मलिहाबाद के ऐतिहासिक आम के बागों से है, जहां 18वीं शताब्दी में नवाबी संरक्षण के दौरान प्रसिद्ध दशहरी आम की खेती को बढ़ावा मिला। मीठे, रेशारहित गूदे और खास सुगंध वाले दशहरी आम से पारंपरिक रूप से आम का गूदा, अचार, चटनी, जैम, स्क्वैश और आम पन्ना जैसे विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाते हैं। आम की खेती और उससे जुड़े खाद्य प्रसंस्करण की यह समृद्ध परंपरा आम से बने उत्पादों को लखनऊ की खान-पान संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती है।