जालौन उत्तर प्रदेश के झांसी मंडल में स्थित एक ऐतिहासिक जिला है, जिसका प्रशासनिक मुख्यालय उरई में है। यह बुंदेलखंड क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यमुना, बेतवा तथा पहूज नदियों से घिरा हुआ है। जालौन नगर एक नगरपालिका है और यह कभी मराठा शासकों का निवास स्थान भी रहा है। जिले की प्रमुख फसलों में गेहूं, चना, मटर और सरसों शामिल हैं। कालपी और कोंच जिले के दो प्रमुख शहर हैं। वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन कार्यक्रम के तहत जालौन जिले के लिए रसगुल्ला और गुजिया का चयन किया गया है।

माना जाता है कि लगभग 50–70 वर्ष पहले पूर्वी भारत, खासकर बंगाल क्षेत्र में काम कर चुके कुछ हलवाइयों ने उरई में रसगुल्ले तैयार करना शुरू किया था। लोगों को इसका स्वाद खूब पसंद आया और धीरे-धीरे यह मिठाई स्थानीय स्वाद के अनुरूप ढलते हुए बेहद लोकप्रिय हो गई। रसगुल्ले पूरे साल उपलब्ध रहते हैं, लेकिन दिवाली और होली जैसे त्योहारों तथा विवाह के मौसम में इनकी मांग और उत्पादन खास तौर पर बढ़ जाता है।

जालौन की पारंपरिक मावा और सूजी की गुजिया बुंदेलखंड में अपनी कुरकुरी बाहरी परत और स्वादिष्ट सूखे मेवों की भरावन के लिए प्रसिद्ध है। इस उद्योग से जुड़ी 3,000 से अधिक इकाइयों में 7,000 से अधिक लोग कार्यरत हैं।