गाजीपुर शहर जिला मुख्यालय है। गाजीपुर जिला वाराणसी मंडल का पूर्वी भाग है। यह पूर्व में बलिया और बिहार राज्य से घिरा है, पश्चिम में जौनपुर, वाराणसी और पश्चिम में आज़मगढ़, उत्तर में मऊ और बलिया और दक्षिण में चंदौली है। जिले को पांच तहसीलों में विभाजित किया गया है।

गाजीपुर की जलेबी अपने कुरकुरेपन और मीठे, चाशनी से भरपूर स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। मैदा के घोल से तैयार की गई जलेबियों को परोसने से पहले चीनी की चाशनी में डुबोया जाता है। नाश्ते और त्योहारों के दौरान इसकी मांग खास तौर पर अधिक रहती है। इस उद्योग से जुड़ी 100 से अधिक इकाइयों में 600 से अधिक लोग कार्यरत हैं।

गाजीपुर के रसगुल्ले अपनी मुलायम बनावट और चाशनी से भरपूर स्वाद के लिए पसंद किए जाते हैं। ताजे छेना से तैयार की जाने वाली यह मिठाई त्योहारों, पारिवारिक समारोहों और विशेष अवसरों पर खास तौर पर बनाई जाती है। स्थानीय मिठाई की दुकानों में भी इसकी खास पहचान है। इस उद्योग से जुड़ी 100 से अधिक इकाइयों में 500 से अधिक लोग कार्यरत हैं।

गाजीपुर की मटर चाट अपने चटपटे और खट्टे-मीठे स्वाद के लिए जानी जाती है। इसे उबली हुई मटर में प्याज, हरी मिर्च, मसाले, हरा धनिया और नींबू का रस मिलाकर तैयार किया जाता है। यह लोकप्रिय नाश्ता स्थानीय बाजारों और मेलों में लोगों को खूब आकर्षित करता है। इस उद्योग से जुड़ी 100 से अधिक इकाइयों में 700 से अधिक लोग कार्यरत हैं।

गाजीपुर का मिर्च अचार ताजी लाल और हरी मिर्च से तैयार किया जाने वाला एक पारंपरिक अचार है, जिसमें सुगंधित मसालों का मिश्रण डाला जाता है और इसे तेल में संरक्षित किया जाता है। सरसों, सौंफ, हल्दी और अन्य मसाले इसके तीखे, खट्टे और चटपटे स्वाद को और खास बनाते हैं, जबकि अचार डालने की प्रक्रिया के दौरान समय के साथ इसका स्वाद और अधिक विकसित होता है। लाल और हरी मिर्च के आकर्षक रंग और तीखे स्वाद के कारण यह रोजमर्रा के भारतीय भोजन के साथ परोसा जाने वाला स्वादिष्ट अचार है।