बलरामपुर नेपाल सीमा के निकट तराई क्षेत्र में स्थित एक ऐतिहासिक जिला है। यह दुनियाभर में प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल के लिए जाना जाता है, जहां महात्मा गौतम बुद्ध ने कई वर्षों तक चातुर्मास बिताया था। कृषि, धार्मिक पर्यटन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत बलरामपुर की प्रमुख विशेषताएं हैं। चीनी उद्योग भी जिले की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन कार्यक्रम के तहत बलरामपुर जिले के लिए नारियल बर्फी, कलाकंद, घमंजा और चाट का चयन किया गया है।

खोया और पनीर के मिश्रण से तैयार किया जाने वाला कलाकंद सादगी और स्वाद का बेहतरीन मेल है। बलरामपुर शहर के चौक बाजार, भगवतीगंज और वीर विनय चौक के प्रमुख हलवाई इसे रोजाना ताजा तैयार करते हैं। उतरौला और तुलसीपुर के स्थानीय बाजारों में इसे शुद्ध दूध से भी तैयार किया जाता है। इस उद्योग से जुड़ी 80 से अधिक इकाइयों में 300 से अधिक लोग कार्यरत हैं।

घमंजा की तरह बलरामपुर की चाट भी अपने खास मसालेदार और चटपटे स्वाद के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में प्रसिद्ध है। इस उद्योग से जुड़ी 80 से अधिक इकाइयों में 500 से अधिक लोग कार्यरत हैं।

ताज़े नारियल, शुद्ध दूध और चीनी का संतुलित मेल, सही तापमान और हलवाई की कुशल कारीगरी मिलकर तैयार करती है यह स्वादिष्ट मिठाई। धीमी आंच पर धैर्यपूर्वक पकाया गया मिश्रण जब सही बनावट और मिठास प्राप्त करता है, तब जन्म लेती है मुलायम, सुगंधित और मन मोह लेने वाली नारियल बर्फी। अपने विशिष्ट स्वाद, पौष्टिकता और पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया के कारण बलरामपुर की नारियल बर्फी स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज़ के मिठाई प्रेमियों के बीच भी लोकप्रिय है। ODOC (One District One Cuisine) Programme के अंतर्गत स्थानीय हलवाइयों और मिठाई व्यवसायों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के माध्यम से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे है, ताकि इस पारंपरिक मिठास को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा सके। आइए, बलरामपुर की इस अनूठी मिठास का स्वाद लें और स्थानीय उद्यमियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहभागी बनें।

‘घमंजा’ शब्द का अर्थ है एक ही तैयारी में अलग-अलग चीजों का मिश्रण या मेल। बलरामपुर का घमंजा एक मसालेदार और चटपटी मिश्रित चाट है, जो स्थानीय स्तर पर बेहद लोकप्रिय है। इसे उबले हुए आलू और मटर को मैश करके या भूनकर तैयार किया जाता है, जिसमें नींबू का रस, हरी चटनी, मसालेदार-मीठी सोंठ, बारीक कटा प्याज और ताजा हरा धनिया मिलाया जाता है। इसे गरमागरम परोसा जाता है। इस उद्योग से जुड़ी 80 से अधिक इकाइयों में 500 से अधिक लोग कार्यरत हैं।